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अम्बागढ़ चौकी पंचगव्य डॉक्टर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ इकाई द्वा गौ विज्ञान एवं स्वास्थ्य कथा का हुआ आयोजन

 

अम्बागढ़ चौकी। पंचगव्य डॉक्टर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा 19 अप्रैल 2026 को साहू सामुदायिक भवन अम्बागढ़ चौकी में गौ विज्ञान एवं स्वास्थ्य कथा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंचगव्य विद्यापीठम् कांचीपुरम के संस्थापक एवं गुरूकुलपति डॉ. निरंजन वर्मा द्वारा गौवंश के वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक तथा पंचगव्य चिकित्सा के महत्व व विशेषताओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गौवंश ब्रह्माण्ड के पंचतत्वों के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गौवंशों की घटती संख्या का प्रभाव पर्यावरण पर पड़ रहा है, जिससे भू-गर्भ जल स्तर भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने गौपालन के आर्थिक पक्ष पर चर्चा करते हुए कहा कि गाय पर होने वाला व्यय, उसके द्वारा प्राप्त होने वाले लाभ की तुलना में बहुत कम है और इससे किसानों को दीर्घकालीन आर्थिक लाभ मिल सकता है। भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि गौवंश की विशेषताओं के कारण ही हमारे ग्रंथों में गौमाता को देवी एवं माता के रूप में सम्मानित किया गया है। विद्यालय में बच्चों को गाय के चौपाया जानवर पढ़ाया जाता है, इसका विरोध कोई विरोध नहीं करता। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की गायों की तुलना में छत्तीसगढ़ का कोसली गौवंश अधिक श्रेष्ठ है। यदि दुग्ध उत्पादन के लिए जिस प्रकार का व्यय अन्य प्रजातियों की गायों पर किया जाता है, वही ध्यान और संसाधन छत्तीसगढ़ी कोसली गौवंश पर लगाए जाएं, तो यह नस्ल उससे भी अधिक दूध देने की क्षमता रखती है।
डॉ. निरंजन वर्मा ने बताया कि गेंदे के फूल में वायरस को समाप्त करने की क्षमता होती है। चावल मिलेट्स में सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने आरओ व बोतल में मिलने वाले पानी के बचने तथा आयुर्वेद व पंचगव्य औद्यषियों का उपयोग करने की सलाह दी। कार्यक्रम में जिला पशुधन विकास अध्यक्ष चिंता राम नायक, नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल मानिकपुरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष पुनऊ राम फूलकंवर, समाजसेवी धर्मेन्द्र साहू, मनहरण पिथौरा, गयादास साहू, सतीश चंदेले, मुकेश सिन्हा, श्रवेंद्र विनायक, अरूण साहू, राष्ट्रीय अध्यक्ष पंचगव्य डॉक्टर एसोसिएशन डॉ. अवधेश कुमार, राज्य संरक्षक राधेश्याम गुप्ता, राज्य अध्यक्ष किरण साहू, डिलेश्वर साहू, मोनिका साहू, जनक साहू, उपेंद्र साहू, ज्ञानचंद साहू, महेश साहू, केशरीकांत साहू, विजय वैष्णव, गिरधर सोनवानी, नीलकंठ कोमरे, रामराज कोरटीया, सुनील चंदेले, दयाल दास साहू, संजय जनबधू, श्रीमती कांति साहू, श्री पिलेश्वर साहू, तोमेशवरी साहू सहित चिकित्सक, गौपालक, किसान, युवा एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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