
रायपुर, 13 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY) बिलासपुर वन परिक्षेत्र के सीपत, सोंठी और खोन्द्रा क्षेत्रों में हाल ही में हुई चीतलों की मौत पर वन विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के अनुसार, चीतलों की मृत्यु किसी शिकार या मानवीय हस्तक्षेप के कारण नहीं, बल्कि आवारा कुत्तों के हमले की वजह से हुई है।
*जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्य*
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले 9 महीनों में बिलासपुर क्षेत्र में कुल 5 चीतलों की मृत्यु दर्ज की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सभी मृत वन्यजीवों का नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें शिकार, बंदूक की गोली या करंट जैसे किसी भी बाहरी प्रहार के प्रमाण नहीं मिले। जांच में स्पष्ट हुआ कि मौत का मुख्य कारण कुत्तों द्वारा काटना था।
*प्रशासनिक कदम और सुरक्षा उपाय*
वन विभाग ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कदम उठाए हैं। वन विभाग ने कलेक्टर बिलासपुर को पत्र लिखकर प्रभावित क्षेत्रों के आवारा कुत्तों की नसबंदी और रेबीज टीकाकरण कराने का अनुरोध किया है। वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए विभाग द्वारा नाइट पेट्रोलिंग, एंटी स्नेयर वॉक और निरंतर बीट जांच की जा रही है। यह कार्य ग्राम वन समितियों के सक्रिय सहयोग से संपन्न हो रहा है। विभाग के अनुसार, पिछले एक वर्ष में वन्यजीव शिकार का कोई भी मामला दर्ज नहीं हुआ है। 11 मई 2026 को खोन्द्रा क्षेत्र के ग्रामीणों और वन प्रबंधन समितियों के साथ हुई चर्चा में भी स्थानीय निवासियों ने शिकार की खबरों को असत्य बताया।
*भविष्य की कार्ययोजना : जल संकट का समाधान*
भीषण गर्मी को देखते हुए वन्य प्राणियों के लिए पेयजल की सुचा व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न स्थानों पर तालाब निर्माण का प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को भेजा गया है। स्वीकृति प्राप्त होते ही निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा।








