
विभाग द्वारा तत्काल सुधार कार्य करते हुए केबल की मरम्मत की गई और उसी समय विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी गई थी। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि संबंधित ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त भार की कोई समस्या नहीं है तथा वर्तमान में उसकी क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता भी नहीं है।
विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि पत्थलगांव क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए नियमित रूप से रख-रखाव एवं मेंटेनेंस कार्य किए जाते हैं। इसी क्रम में 21 मार्च 2026 को समाचार पत्रों के माध्यम से पूर्व सूचना जारी कर 22 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पत्थलगांव उपसंभाग के अंतर्गत 33/11 केवी उपकेंद्रों से निकलने वाले सभी फीडरों का व्यापक रख-रखाव एवं मेंटेनेंस कार्य किया गया था। इसके अतिरिक्त समय-समय पर विद्युत लाइनों एवं उपकरणों का आवश्यक अनुरक्षण भी किया जाता है। विभाग ने जानकारी दी है कि पत्थलगांव क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। प्राकृतिक कारणों जैसे आंधी-तूफान से उत्पन्न अस्थायी व्यवधानों को छोड़कर क्षेत्र में नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
पिछले तीन वर्षों में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए क्षेत्र में 25 केवीए क्षमता के 9 नग, 63 केवीए क्षमता के 4 नग, 100 केवीए क्षमता के 7 नग तथा 200 केवीए क्षमता के 20 नए ट्रांसफार्मरों की स्थापना विभिन्न वार्डों, बस्तियों एवं कॉलोनियों में की गई है। इसके साथ ही 33/11 केवी उपकेंद्र पत्थलगांव में स्थापित 3.15 एमवीए क्षमता के पुराने पावर ट्रांसफार्मर के स्थान पर 5.00 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर विद्युत आपूर्ति प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया गया है। विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में किसी प्रकार की बिजली कटौती संबंधी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है और न ही क्षेत्र में किसी प्रकार की नियोजित बिजली कटौती की जा रही है। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।








