
अम्बिकापुर 16 अप्रैल 2026/ सरगुजा जिले में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ’बिहान’ ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है।विकासखंड लखनपुर के ग्राम पंचायत कुंवरपुर में ’प्रगति महिला स्वयं सहायता समूह’ द्वारा संचालित ’सरगुजा छेरी बैंक’ ने पशुपालन के क्षेत्र में नवाचार कर महिलाओं की आर्थिक स्थिति को बदलने का बीड़ा उठाया है।
4 बकरियों से शुरू होता है आत्मनिर्भरता का सफर
प्रगति समूह की सदस्य श्रीमती अनीता ने बताया कि उनके समूह द्वारा संचालित ’सरगुजा छेरी बैंक’ के माध्यम से उन ग्रामीण महिलाओं को मदद दी जा रही है जो आजीविका के साधन जुटाने में असमर्थ थीं। योजना के तहत समूह से जुड़ी सक्रिय महिलाओं को 4 बकरियां लोन पर उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके एवज में महिला से मात्र 3000 रुपये का सेवा शुल्क लिया जाता है, जिसके बदले समूह 4 वर्षों तक बकरियों के टीकाकरण और बीमारियों के इलाज की निःशुल्क सुविधा प्रदान करता है।
किस्त के रूप में वापस लिए जाते हैं 16 बच्चे
इस बैंक की सबसे अनूठी विशेषता इसकी वापसी प्रक्रिया है। लोन लेने वाली महिलाओं को नकद राशि के बजाय बकरियों के बच्चे (मेमने) वापस करने होते हैं। लाभार्थी महिला 4 वर्षों के अंतराल में कुल 16 बच्चे ’छेरी बैंक’ को वापस करती है, जिससे यह चक्र निरंतर चलता रहता है और अन्य जरूरतमंद महिलाओं को भी लाभ मिलता है।
समूह की सक्रिय महिलाओं को प्राथमिकता
समूह की पदाधिकारियों ने बताया कि यह लोन केवल उन्हीं महिलाओं को दिया जाता है जो स्वयं सहायता समूह में नियमित बचत और बेहतर लेन-देन कर रही हैं। इससे समूहों में अनुशासन भी बढ़ रहा है और महिलाएं बैंकिंग गतिविधियों के प्रति जागरूक हो रही हैं।
प्रशासन और सरकार का जताया आभार
इस अभिनव पहल से कुंवरपुर की महिलाएं अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। समूह की सदस्यों ने बिहान योजना के माध्यम से आ रहे इस सकारात्मक बदलाव के लिए जिला प्रशासन सहित प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहान योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव लाया है आज हजारों महिलाएं सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं।








