
धमतरी में आयोजित कार्यशाला में बनी समन्वित कार्ययोजना, 100 फार्म पॉन्ड में आईएमसी एवं झींगा पालन को मिलेगा बढ़ावा
धमतरी, 1 अगस्त 2026/ जिले में कृषि एवं मत्स्य क्षेत्र के समन्वित विकास, ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने तथा किसानों एवं मत्स्य पालकों की आय में सतत वृद्धि के उद्देश्य से VB-G RAM G कार्यक्रम के तहत जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा की अध्यक्षता में बैठक एवं कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में कृषि, मत्स्य पालन, ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों, मत्स्य सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों तथा अन्य संबंधित हितधारकों ने सहभागिता की।
बैठक में कृषि एवं मत्स्य पालन विभागों के प्रभावी अभिसरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, जल संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा ने कहा कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा, जिससे किसानों और मत्स्य पालकों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
कार्यशाला में आजीविका डबरी योजना के अंतर्गत एबिस (ABIS) सीएसआर के सहयोग से जिले के 100 चयनित फार्म पॉन्ड विकसित करने की कार्ययोजना पर सहमति बनी। इन फार्म पॉन्ड में इंडियन मेजर कार्प (आईएमसी) के साथ उच्च आय देने वाले झींगा पालन को बढ़ावा दिया जाएगा। यह पहल जलाशयों के बेहतर उपयोग, मत्स्य उत्पादन में वृद्धि तथा किसानों की अतिरिक्त आय का प्रभावी माध्यम बनेगी। साथ ही तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं वैज्ञानिक मत्स्य पालन पद्धतियों के उपयोग पर भी विशेष बल दिया गया।
बैठक में जिले की मत्स्य सहकारी समितियों के अधोसंरचना विकास, मत्स्य भंडारण (फिशरी स्टोरेज) सुविधाओं के विस्तार, विपणन व्यवस्था को मजबूत करने तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से समितियों को आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि मजबूत अधोसंरचना से मत्स्य उत्पादों के संरक्षण, मूल्य संवर्धन और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
बैठक में आगामी 15 अगस्त को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में नई आजीविका डबरियों, नए तालाब निर्माण तथा मत्स्य भंडारण अधोसंरचना से संबंधित प्रस्तावों को प्राथमिकता के साथ शामिल करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही सभी मत्स्य सहकारी समितियों को 15 अगस्त तक ऋण संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि आवश्यक वित्तीय सहायता समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जा सके।
कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समितियों एवं विभागों के मध्य सतत संवाद बनाए रखने हेतु एक समर्पित व्हाट्सएप समूह गठित किया जाएगा। साथ ही आगामी 10 दिनों के भीतर जिले के सभी विकासखंडों में ब्लॉक स्तरीय बैठकें आयोजित कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि विभागीय समन्वय, वैज्ञानिक तकनीकों, सामुदायिक सहभागिता एवं संस्थागत सहयोग के माध्यम से धमतरी जिले को मत्स्य उत्पादन, जल संसाधन प्रबंधन और ग्रामीण आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया जाएगा।









