Ro no D15139/23

खरीफ उपार्जन शुरूरू किसानों के साथ श्रमिक परिवारों में भी खुशी का माहौल

ईश्वरी यादव और विद्या मरकाम जैसी महिलाएँ इसका जीवंत उदाहरण

पूरे छत्तीसगढ़ सहित धमतरी जिले में भी खरीफ उपार्जन वर्ष 2025-26 की प्रक्रिया 15 नवंबर से सुचारू रूप से प्रारंभ हो चुकी है। खरीदी केंद्रों में किसानों के चेहरों पर संतोष और प्रसन्नता झलक रही है, तो वहीं गांवों में मजदूरी कार्य करने वाले हमालों के लिए भी यह सीजन रोजगार और अतिरिक्त आमदनी का अवसर लेकर आया है। धान खरीदी केंद्रों में होने वाली गतिविधियों से गांव के अनेक परिवारों को मौसमी रोजगार मिलता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
संबलपुर गांव के धान खरीदी केंद्र में काम कर रहीं ईश्वरी यादव और विद्या मरकाम जैसी महिलाएँ इसका जीवंत उदाहरण हैं। धान के कट्टों की सिलाई और भराई के कार्य में व्यस्त इन महिलाओं से बातचीत में पता चला कि खरीफ सीजन उनके लिए उम्मीद और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन गया है। ईश्वरी बताती हैं कि गांव की 5-6 महिलाएँ मिलकर प्रतिदिन 400 से 500 कट्टे भर लेती हैं। इस काम से एक महिला को सीजन में लगभग 20 से 22 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है, जो उनके परिवार की जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मदद करती है।
महिलाओं का कहना है कि पहले उन्हें गांव के बाहर मजदूरी के लिए जाना पड़ता था, परंतु धान खरीदी केंद्रों में मिल रहा कार्य गांव में ही स्वावलंबन का मार्ग प्रदान कर रहा है। यहां सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में काम मिलता है, भुगतान समय पर होता है और अवसर भी लगातार बढ़ रहे हैं। इससे गांव की महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ काम करने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
धान खरीदी के दौरान किसानों की आय सुनिश्चित करने के साथ-साथ हमाल, परिवहनकर्ता, तौलदार, डेटा-एंट्री ऑपरेटर तथा केंद्रों के सहायक कर्मचारियों को भी पर्याप्त रोजगार मिलता है। यह सीजन ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का बड़ा आधार बन चुका है। जिले में खरीदी केंद्रों की बेहतर व्यवस्था, पारदर्शी प्रक्रिया और सुगम सुविधाओं के चलते किसान और मजदूर दोनों लाभान्वित हो रहे हैं।
सरकार द्वारा समय पर समर्थन मूल्य का भुगतान, उचित एवं सुरक्षित भंडारण व्यवस्था तथा केंद्रों में बेहतर प्रबंधन ने ग्रामीण जनता के भरोसे को और मजबूत किया है। खरीफ उपार्जन 2025-26 न केवल कृषि उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने, महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और गांवों को सशक्त बनाने का भी माध्यम बन रहा है।

  • Related Posts

    सुशासन तिहार से मछुआरों के जीवन में आई समृद्धि की नई लहर

    *मत्स्य पालन प्रसार योजना से आत्मनिर्भर बने ग्रामीण मछुआरे*   *अब मेहनत की पूरी कमाई पहुंचेगी मछुआरों के घर*   रायपुर , 31 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY) प्रदेश में…

    Read more

    मोर गांव-मोर पानी महाअभियान से गांव-गांव में जल संरक्षण की नई चेतना

    *जनभागीदारी से मजबूत हो रही जल सुरक्षा, वर्षा जल संचयन को मिल रहा बढ़ावा*   रायपुर, 31 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY) प्रदेश में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप…

    Read more

    NATIONAL

    प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी में अपने संबोधन की प्रमुख बातें साझा कीं

    प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी में अपने संबोधन की प्रमुख बातें साझा कीं

    ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर राज्यों में गणना चरण शुरू हो गया है

    ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर राज्यों में गणना चरण शुरू हो गया है

    लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन सुशासन और जनसेवा का आदर्श उदाहरण : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन सुशासन और जनसेवा का आदर्श उदाहरण : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    दस की झालमुड़ी-एक की मेलोडी-विपक्ष का सूपड़ा साफ, कमाई का जरिया रिश्वतखोर, पैदा होेते हैं बाप-बच्चे नहीं,केजरीवाल का क्रंदन,

    दस की झालमुड़ी-एक की मेलोडी-विपक्ष का सूपड़ा साफ, कमाई का जरिया रिश्वतखोर, पैदा होेते हैं बाप-बच्चे नहीं,केजरीवाल का क्रंदन,

    सच कम, झूठ ज्यादा : ट्रंप के शांति समझौते वाले दावों पर ईरान का जवाब

    सच कम, झूठ ज्यादा : ट्रंप के शांति समझौते वाले दावों पर ईरान का जवाब

    बिहार में सुबह सुबह एनकाउंटर, गोपालगंज में 50 हजार के इनामी कुख्यात ‘आकाश’ के पैर में लगी गोली

    बिहार में सुबह सुबह एनकाउंटर, गोपालगंज में 50 हजार के इनामी कुख्यात ‘आकाश’ के पैर में लगी गोली