
*- किसान शीघ्र पंजीयन कर लाभ प्राप्त करें*
राजनांदगांव 15 अप्रैल 2026 (IMNB NEWS AGENCY) कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव द्वारा जिले में रबी मौसम की दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों के उत्पाद को प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) अंतर्गत समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करने हेतु कृषि विभाग सहित संबंधित विभागों को किसानों का पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने तथा समुचित व्यवस्था बनाकर खरीदी करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के पालन में जिले की 15 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों एवं एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड सुकुलदैहान द्वारा पीएम-आशा योजना अंतर्गत दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी की जा रही है। भारत सरकार द्वारा किसानों के हित में तथा दलहन एवं तिलहन क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) लागू की गई है। जिले में 15 उपार्जन केन्द्रों एवं एक एफपीओ को अधिसूचित किया गया है। राज्य शासन द्वारा नाफेड के माध्यम से खरीदी की जा रही है। निर्धारित समर्थन मूल्य के अनुसार सोयाबीन 5328 रूपए प्रति क्विंटल, अरहर 8000 रूपए प्रति क्विंटल, चना 5875 रूपए प्रति क्विंटल, मसूर 7000 रूपए प्रति क्विंटल एवं सरसों 6200 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित है।
उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले में अब तक कुल 1451 क्विंटल फसलों की सफलतापूर्वक खरीदी की जा चुकी है। जिसमें चना 967.5 क्विंटल, मसूर 374.5 क्विंटल, सरसों 15.5 क्विंटल, अरहर 9 क्विंटल एवं सोयाबीन 73.5 क्विंटल शामिल हैं। जिले में अब तक 108 कृषकों को कुल 4014733 रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन की स्थिति के अनुसार चना हेतु 3382 किसान, मसूर हेतु 1237 किसान एवं राई व सरसों हेतु 465 किसान, इस प्रकार कुल 5084 किसानों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है। पंजीयन के दौरान यदि रकबा गिरदावरी में प्रदर्शित नहीं हो रहा है, तो संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं पटवारी से संयुक्त सत्यापन कर प्रमाण पत्र प्राप्त कर सहकारी समितियों में जमा कर उपार्जन कराया जा सकता है। पंजीयन एवं खरीदी प्रक्रिया अत्यंत सरल है। किसानों को पंजीयन के लिए केवल अपने नजदीकी चिन्हांकित सेवा सहकारी समिति में भूमि एवं फसल संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड एवं बैंक खाता नंबर लेकर पहुंचना है। उपार्जन हेतु राज्य एजेंसी नाफेड के गुणवत्ता सर्वेयर द्वारा मौके पर ही बीजों का परीक्षण कर खरीदी की जा रही है। साथ ही पीएम-आशा योजना अंतर्गत किसानों को एक सप्ताह के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
पीएम आशा योजनांतर्गत तुमड़ीबोड़ उपार्जन केन्द्र में सफलतापूर्वक सोयाबीन एवं चना विक्रय करने वाले कृषक श्री कमलनारायण साहू ने बताया कि उनके द्वारा खरीफ में 29 क्विंटल सोयाबीन का विक्रय किया गया था। जिसका 186480 रूपए किसान को सीधे उनके खाते में 15 दिवस के अंदर भुगतान हो गया था और उनके द्वारा रबी में 59 क्विंटल चना का विक्रय किया गया है। मंडी मूल्य की तुलना में किसानों को अधिक लाभ मिल रहा है। वर्तमान में चना का अधिकतम मंडी मूल्य 5070 रूपए प्रति क्विंटल, मसूर 5650 रूपए प्रति क्विंटल तथा सरसों 5662 रूपए प्रति क्विंटल है, जबकि पीएम-आशा योजना अंतर्गत चना 5875 रूपए प्रति क्विंटल , मसूर 7000 रूपए प्रति क्विंटल एवं सरसों 6500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जा रही है। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) अंतर्गत एकीकृत किसान पोर्टल एवं नाफेड के ई-समृद्धि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कराएं तथा योजना का लाभ उठाएं। यह योजना किसानों की आय वृद्धि एवं दलहन-तिलहन क्षेत्र विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। चना, मसूर एवं सरसों विक्रय हेतु पंजीयन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 निर्धारित है। कृषक शीघ्र पंजीयन कर योजना का लाभ प्राप्त करें।
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