Ro no D15139/23

संघर्ष और भटकाव के बाद मनकू कड़ती की नई शुरुआत

रायपुर, 7 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अंचल में बदलाव की कई कहानियां उभर रही हैं। इन्हीं में से एक कहानी है बीजापुर जिले के छोटे से गांव चेरली के युवक मनकू कड़ती की, जिनका जीवन संघर्ष, भटकाव और फिर सकारात्मक परिवर्तन का उदाहरण बनकर सामने आया है।

बीजापुर जिले के चेरली गांव में जन्मे मनकू कड़ती का बचपन बेहद कठिन परिस्थितियों में बीता। गरीबी, असुरक्षा और सीमित संसाधनों के बीच उनका परिवार लगातार चुनौतियों से जूझता रहा। पारिवारिक स्थिति उस समय और भी गंभीर हो गई, जब उनके पिता को जेल जाना पड़ा। इस घटना ने मनकू के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला और उनका बचपन अभाव और अस्थिरता के माहौल में बीता।

इन्हीं परिस्थितियों और नकारात्मक माहौल के प्रभाव में मनकू धीरे-धीरे भटकाव की ओर बढ़ने लगे। उन्हें लगा कि गलत रास्ता ही उन्हें पहचान और सुरक्षा दिला सकता है। हालांकि, उनके भीतर एक द्वंद्व लगातार बना रहा। क्या यही उनका भविष्य है ? यह सवाल उनके मन में बार-बार उठता रहा। समय के साथ मनकू के भीतर आत्मचिंतन की प्रक्रिया शुरू हुई। उन्होंने महसूस किया कि हिंसा और भय के रास्ते पर चलकर वे अपने जीवन को अंधकार की ओर ले जा रहे हैं। यही एहसास उनके जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। उन्होंने ठान लिया कि अब वे अपनी दिशा बदलेंगे और एक नई शुरुआत करेंगे।

अप्रैल 2025 में मनकू कड़ती ने साहसिक कदम उठाते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। यह निर्णय उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन यही उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और सही फैसला साबित हुआ। इस कदम ने उनके लिए मुख्यधारा में लौटने और एक सम्मानजनक जीवन जीने के रास्ते खोल दिए। आत्मसमर्पण के बाद उन्हें पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। उन्होंने ट्रैक्टर ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षण लिया, जहां उन्होंने न केवल भारी मशीनों का संचालन सीखा, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास को भी अपने जीवन में अपनाया। निरंतर मेहनत और सीखने की इच्छा ने उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाया।

आज मनकू कड़ती एक बदले हुए इंसान के रूप में सामने आए हैं। वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हैं और समाज के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। जहां पहले उनके जीवन में डर और अस्थिरता थी, वहीं अब आत्मविश्वास और नई उम्मीद ने जगह ले ली है। मनकू कड़ती के जीवन की यह नई शुरूआत इस बात का प्रमाण है कि विपरीत परिस्थितियों और गलत दिशा में बढ़ते कदमों के बावजूद, यदि व्यक्ति दृढ़ निश्चय कर ले तो जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है।

  • Related Posts

    बस्तर संभाग में रेशम विकास कार्यों की समीक्षा

    *ग्रामोद्योग सचिव ने किसानों की आय बढ़ाने और धागाकरण मशीनों को शीघ्र शुरू करने के दिए निर्देश*   रायपुर, 19 जून 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्री…

    Read more

    लोकसाहित्य के दर्पण में अतीत का प्रतिबिंब विषयक दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का सफल समापन

    सम्मेलन में लोक स्मृतियों, जनजातीय ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत पर हुआ गहन मंथन महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में आयोजित सम्मेलन का गरिमामय समापन, देश-प्रदेश के विद्वानों ने लोककथाओं, लोकगाथाओं और…

    Read more

    NATIONAL

    विधान सभा की प्राक्कलन समिति ने लाभाण्डी स्थित अंतर्राश्ट्रीय टेनिस अकादमी का किया स्थल निरीक्षण.

    विधान सभा की प्राक्कलन समिति ने लाभाण्डी स्थित अंतर्राश्ट्रीय टेनिस अकादमी का किया स्थल निरीक्षण.

    हर समस्या का हल युद्ध नहीं, इजराइल को जेडी वेंस ने दिया दो टूक जवाब

    हर समस्या का हल युद्ध नहीं, इजराइल को जेडी वेंस ने दिया दो टूक जवाब

    Video: यह मोदी के कारण नहीं हुआ, देखें पीएम मोदी ने पेरिस में क्या कहा

    Video: यह मोदी के कारण नहीं हुआ, देखें पीएम मोदी ने पेरिस में क्या कहा

    तेज रफ्तार में था अनंत सिंह का काफिला, अचानक लगा ब्रेक, आपस में टकराई 4 गाड़ियां, सबसे आगे थी MLA की कार

    तेज रफ्तार में था अनंत सिंह का काफिला, अचानक लगा ब्रेक, आपस में टकराई 4 गाड़ियां, सबसे आगे थी MLA की कार

    18 जून की टॉप 20 खबरें: ट्रंप का ऐलान- भारत पर हमला हुआ तो अमेरिका देगा जवाब, राज्यसभा चुनाव आज, वनडे सीरीज भी इंडिया के नाम

    18 जून की टॉप 20 खबरें: ट्रंप का ऐलान- भारत पर हमला हुआ तो अमेरिका देगा जवाब, राज्यसभा चुनाव आज, वनडे सीरीज भी इंडिया के नाम

    ईरान-अमेरिका में हुआ 14 पॉइंट समझौता, ट्रंप-पेजेश्कियान ने किए साइन, जानें किन-किन बातों पर बनी सहमति

    ईरान-अमेरिका में हुआ 14 पॉइंट समझौता, ट्रंप-पेजेश्कियान ने किए साइन, जानें किन-किन बातों पर बनी सहमति