
*- प्रभारी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने सुशासन तिहार की तैयारियों की ली समीक्षा बैठक*
राजनांदगांव 28 अप्रैल 2026(IMNB NEWS AGENCY). स्कूल शिक्षा एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आगामी सुशासन तिहार की तैयारियों के संबंध में जिला स्तरीय अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा 1 मई से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार का आयोजन किया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रशासन सीधे गांव-गांव पहुंचकर आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान करेगा। प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के संभावित जिले प्रवास को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से की जाएं। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे टीम भावना के साथ कार्य करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, महापौर श्री मधुसूदन यादव, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
प्रभारी मंत्री श्री यादव ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार केवल आवेदन लेने तक सीमित न रहे, बल्कि प्राप्त शिकायतों और मांगों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों का भरोसा तभी बढ़ेगा जब उन्हें वास्तविक समाधान मिलेगा। उन्होंने सभी विभागों को लक्ष्य आधारित नहीं, बल्कि परिणाम आधारित कार्य करने के लिए कहा गया। उन्होंने सभी अधिकारियों को फिल्ड में जाकर वास्तविक कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जनसामान्य तक पहुंच सके। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुशासन तिहार के दौरान लगाए जाने वाले शिविरों में सभी विभागों की समन्वित उपस्थिति सुनिश्चित हो तथा संबंधित ग्रामों के सभी हितग्राहियों की सूची पहले से तैयार रखी जाए, ताकि मौके पर ही समाधान किया जा सके। उन्होंने राजस्व विभाग की समीक्षा में लंबित नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारा प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों में आम नागरिकों को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए मैदानी स्तर पर नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्रवृत्ति, कोचिंग एवं बेहतर परिणाम के लिए विशेष योजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही आवासीय छात्रावासों की नियमित मॉनिटरिंग, विद्यार्थियों के साथ संवाद एवं सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रभारी मंत्री श्री यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि अधूरे आवासों, भूमि संबंधी समस्याओं एवं लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन हितग्राहियों को स्वीकृति मिल चुकी है, उनके आवास निर्माण में किसी प्रकार की बाधा न रहे। उन्होंने राशन कार्ड एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा की। प्रभारी मंत्री ने कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन मिलना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में ही राशन कार्ड से संबंधित समस्याओं का तत्काल निराकरण करने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए किसी भी क्षेत्र में पेयजल समस्या नहीं होना चाहिए। जिन गांवों एवं वार्डों में समस्या है, वहां पूर्व से ही वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जल संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जल स्तर बढ़ाने के लिए किए जा रहे कार्यों को निरंतर जारी रखा जाए। उन्होंने समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत पेंशन योजनाओं, दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरण एवं अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण सुशासन तिहार के दौरान प्राथमिकता से किया जाए।
प्रभारी मंत्री श्री यादव ने कहा कि सामान्य प्रसव एवं छोटे-मोटे दुर्घटना मामलों का उपचार यथासंभव सीएचसी एवं पीएचसी स्तर पर ही किया जाए और अनावश्यक रेफरल से बचा जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर प्रसव की संख्या, मरीजों की उपस्थिति तथा रेफरल की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण एवं बाजार क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर जनसामन्य का रक्तचाप एवं शुगर जांच करने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सिंचाई एवं पेयजल से संबंधित पाइपलाइन, टैंक निर्माण एवं अन्य परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा गया कि वास्तविक आवश्यकता और जनसामान्य की मांग के आधार पर प्राथमिकता तय की जाए। कृषि विभाग को उर्वरक उपलब्धता, वैकल्पिक खाद के उपयोग, फसल विविधीकरण तथा प्रगतिशील किसानों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने एवं किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि केवल पौधरोपण तक सीमित न रहकर उनके संरक्षण एवं जीवित रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पशुपालन विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल वेटरिनरी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने, टोल फ्री नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अधिक से अधिक पशुपालकों तक सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बताया कि सुशासन तिहार कार्यक्रम की तैयारी के कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में 60 से अधिक जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें जिला स्तरीय अधिकारी और विकासखंड अधिकारी की लगातार निरीक्षण किया जाएगा। शिविर में शासन की योजनाओं से ग्रामीणों को अवगत कराया जाएगा और लाभान्वित भी किया जाएगा। इसके साथ शिविरों में जनसामान्य से प्राप्त आवेदनों का यथासंभव नियमानुसार निराकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से योग एवं जीवनशैली सुधार कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए नियमित योग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत 1300 से अधिक किशोरियों को वैक्सीनेशन किया गया है। बैठक में अध्यक्ष नगर पालिका परिषद डोंगरगढ़ श्री रमन डोंगरे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, विधायक प्रतिनिधि श्री संतोष अग्रवाल, सदस्य जिला पंचायत श्रीमती देवकुमार, सदस्य जिला पंचायत श्रीमती अनिता मंडावी सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।








