Ro no D15139/23

छत्तीसगढ़ में विकसित कृषि संकल्प अभियान खरीफ पूर्व अभियान की तैयारी शुरू

राजनांदगांव 19 मई 2025। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय अंतर्गत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने विकसित कृषि संकल्प अभियान (वीकेएसए) 2025 नामक एक राष्ट्रव्यापी प्री-खरीफ अभियान शुरू किया है। 29 मई से 12 जून 2025 तक चलने वाले इस 15 दिवसीय अभियान का लक्ष्य देश के 700 जिलों के लगभग 1.5 करोड़ किसानों तक पहुंचना है। एक सहयोगात्मक राष्ट्रीय प्रयास के हिस्से के रूप में, केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर कृषि वैज्ञानिकों, कृषि अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों और अन्य हितधारकों से मिलकर 2000 से अधिक बहु-विषयक टीमों को तैनात करेगी। प्रत्येक टीम प्रतिदिन तीन किसान संवाद बैठक आयोजित करेगी, जिसका लक्ष्य प्रतिदिन 10-12 लाख किसानों तक पहुंचना है।
छत्तीसगढ़ में यह अभियान सभी विकास खंडों में चलाया जाएगा, जिसका समन्वय आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान (एनआईबीएसएम) रायपुर द्वारा किया जाएगा। आईसीएआर-एनआईबीएसएम के निदेशक डॉ. पीके राय ने बताया कि आईसीएआर-एनआईबीएसएम और कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के वैज्ञानिकों के साथ-साथ कृषि, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन विभागों के अधिकारियों को शामिल करते हुए संयुक्त टीमें बनाई गई हैं। इसके अलावा, जनप्रतिनिधि और प्रगतिशील किसान भी क्षेत्र स्तर की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। डॉ. राय ने किसानों की सहभागिता और पहुंच बढ़ाने के लिए आईसीटी उपकरणों और दृश्य मीडिया का लाभ उठाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि वीकेएसए एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाना है। उन्होंने सभी किसानों से अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और बेहतर उत्पादकता के लिए नवीन तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया।
छत्तीसगढ़ में अभियान के दौरान, फील्ड टीमें किसानों के साथ वैज्ञानिक बातचीत को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिदिन 2 से 3 चयनित ग्राम पंचायतों का दौरा करेंगी। अभियान के मुख्य फोकस क्षेत्रों में धान की सीधी बुवाई, कीटनाशक के इस्तेमाल के लिए ड्रोन का इस्तेमाल, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना, उन्नत बीजों की किस्मों का प्रचार-प्रसार, उर्वरकों का संतुलित उपयोग और कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में राज्य प्रायोजित योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना शामिल है। इन प्रत्यक्ष संलग्नताओं से किसानों के समक्ष आने वाली जमीनी चुनौतियों की पहचान करने, नवीन पद्धतियों का दस्तावेजीकरण करने तथा भविष्य के अनुसंधान, तकनीकी प्रगति और नीति विकास के लिए मूल्यवान जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। आईसीएआर-एनआईबीएसएम रायपुर राज्य भर में अभियान की प्रगति और प्रभावशीलता की निगरानी का नेतृत्व करेगा।

  • Related Posts

    राजनांदगांव जिले में अब तक 1123.1 मिमी वर्षा दर्ज

    *- जिले में आज 354.8 मिमी बारिश हुई* राजनांदगांव 05 जुलाई 2026। राजनांदगांव जिले में इस वर्ष चालू मानसून वर्ष में 1 जून 2026 से अब तक जिले के सभी…

    Read more

    कम पानी, अधिक मुनाफा धान छोड़ उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़े किसान तामेश्वर लाल साहू

    – फसल विविधीकरण बना समृद्धि का आधार*   *- धान की जगह सब्जी की खेती से बढ़ी आय*   राजनांदगांव 05 जुलाई 2026। अल्प वर्षा और जल संरक्षण की आवश्यकता…

    Read more

    NATIONAL

    पलामू में उपायुक्त की पहल पर जर्जर स्कूल बना आधुनिक मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, DSWO ने किया उद्घाटन

    पलामू में उपायुक्त की पहल पर जर्जर स्कूल बना आधुनिक मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, DSWO ने किया उद्घाटन

    भारतीय सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च : पीएम ने जमशेदपुर की तनीषा को सराहा, बोले- झारखंड की बेटियों ने सबसे अधिक प्रभावित किया

    भारतीय सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च : पीएम ने जमशेदपुर की तनीषा को सराहा, बोले- झारखंड की बेटियों ने सबसे अधिक प्रभावित किया

    सांसद संजय जायसवाल का बड़ा बयान, ‘पाकिस्तान तय करे आतंकवाद चाहिए या पानी’

    सांसद संजय जायसवाल का बड़ा बयान, ‘पाकिस्तान तय करे आतंकवाद चाहिए या पानी’

    पद्म विभूषण तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि: छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अमर आवाज़ हुई शांत

    पद्म विभूषण तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि: छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अमर आवाज़ हुई शांत

    प्रधानमंत्री ने पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन पर शोक व्यक्त किया

    प्रधानमंत्री ने पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन पर शोक व्यक्त किया

    ममता बनर्जी की जनहित योजनाओं को बंद नहीं करेगी शुभेंदु अधिकारी सरकार, लाभार्थियों की होगी सघन जांच

    ममता बनर्जी की जनहित योजनाओं को बंद नहीं करेगी शुभेंदु अधिकारी सरकार, लाभार्थियों की होगी सघन जांच