क्या आपने नववर्ष में समोसा खाया… पूछना लाजिमी है क्योंकि बेहद काॅमन, स्वादिष्ट, सहज उपलब्ध और सस्ती चीज है समोसा। और बता दें कि यदि आपने सपने में समोसा खाया तो समझ लो पौ बारह
सपने में समोसे का अर्थ है, पितरों का आशीर्वाद, खुशहाली और धनलाभ है। है न मजेदार।
*कुत्ते को समोसा पसंद था*
*मालिक ने सुंघा दिया, झगड़
ज़रा सी बात पर क्या से क्या हो जाता है। राजधानी रायपुर के सुंदरनगर क्षेत्र में एक नाश्ते की दुकान में *एक आदमी अपने कुत्ते को घुमाते हुए निकला और कुत्ते को समोसा सुंघा दिया।*
निश्चित रूप से इस हरकत को कोई भी सहन नहीं करेगा। दुकान मालकिन ने भी नहीं किया, आपत्ति की। कुत्ते का मालिक झगड़ पड़ा। दोनों पक्षों में जोरदार मारपीट हो गयी।
तो खयाल रखें समोसे को सूंघना हो तो खुद सूंघ लें कुत्ते को न सुंघाएं।
*समोसा खाके फूटने के चक्कर मे*
*पुलिस बिना पैसे छोड़ देगी*
*वेडर क्यों छोड़े*
*पैसे भी गये,लाईसेंस भी*
समोसे के कारण एक और लड़ाई जबलपुर में हो गयी।
*जहां रेल्वे स्टेशन पर एक यात्री ने दो समोसे खाए और जब पैसे देने की बारी आई तो बार-बार कोशिश करने पर भी यूपीआई से पेमेन्ट हो नहीं पाया।*
तब नाराज वेण्डर ने यात्री को पकड़ लिया और दुव्र्यवहार किया। इतना ही नहीं दो समोसे के बदले पेमेन्ट के तौर पर यात्री की घड़ी रखवा ली। मगर ये वाकया रेल्वे पुलिस को भाया नहीं और वेण्डर को पकड़ लिया।
घड़ी भी वापस दिलवाई और वेण्डर का लाईसेंस रद्द करने की कार्यवाही भी कर दी।
अब भला वेण्डर की क्या गलती ?
*जब कोई पुलिसवाला किसी गैरकानूनी काम करने वाले को पकड़ता है तो क्या बिना पैसे खाए छोड़ता है कभी ? कभी नहीं। पैसे नहीं मिलने पर सीधे हवालात की हवा खिला देता है। यहां क्या वेण्डर फोकट में समोसे खिला देता ?*
*लोकप्रियता में नम्बर वन*
पर भैया समोसा है ही ऐसी चीज की मुंह में पानी आ जाए। समोसा घर-घर घुसा हुआ है। एक समय में समोसे और लालू यादव की लोकप्रियता समान हुआ करती थी। कहा जाता था कि *जब तक रहेगा समोसे में आलू…,, तब तक रहेगा बिहार में लालू…. ।*
*‘खुशी से आदमी फूलकर कुप्पा हो गया आमतौर पर खुशी के मौके पर भावुक इंसान के बारे में ऐसा कहा जाता है।* और खुशी के मौके पर आमतौर पर मिठाई खाई जाती है और मिठाई के साथ समोसा भी खाया जाता है। वैसे कुप्पा होना कोई अच्छी बात नहीं है। कुप्पा मतलब मोटा। मोटा मतलब अस्वस्थ।
*मतलब आदमी खुश होगा तो मोटा होगा और खुशी से समोसा खाएगा तो और मोटा होगा।*
*खतरनाक है समोसा*
हम लोग आमतौर पर नाश्ता करने का मन बनाते हैं तो सबसे पहले खयालों में समोसा ही आता है।
मगर क्या हम खाते समय इस बात का खयाल रखते हैं कि समोसा कितना खतरनाक है सेहत के लिये? कभी नहीं।
किसी भी तरह के चुनाव होें… काॅलेज के, पंचायत के, निगम के, विधानसभा के समोसा सबसे सरल और सस्ता सहारा होता है। थकान और भूख से बेहतरीन निजात दिलाता है समोसा।
*किसी भी तरह का उत्सव हो… घर में जन्मदिन हो, सगाई हो या शादी हो, होली-दीवाली हो, पंद्रह अगस्त या छब्बीस जनवरी समोसा सबके पेट का साथी बनता है।*
एक रिसर्च मे दावा किया गया है कि सालभर में 21 हजार करोड़ समोसे देश में खाए जाते हैं। कचोड़ी, जलेबी, भटूरे और अन्य मुंह मे पानी लाने वाले खाद्य पदार्थ इसके बाद आते है।
ल्ेकिन क्या आपको पता है कि इनसे कितना नुकसान होता है ? सरकार के स्वास्थ्य विभाग को नागरिकांे के मोटापे की चिंता है। *एक अनुमान के अनुसार हमारे देश में 2050 तक दस करोड़ लोगा मोटापे के शिकार हो जाएंगे। बच्चों में टेलिविजन और फास्ट फुड ने कहर ढाया है*। जिसका परिणाम भविष्य में दिखेगा।
*मोदीजी ने तेल कम खाने को कहा*
*चेतावनी लिखने का* *निर्णय सरकार का*
*बात इतनी गंभीर है कि एक बार मन की बात में प्रधानमंत्री ने स्वयं इस पर चिंता जाहिर करते हुए लोगों से कम से कम दस प्रतिशत तेल के सेवन में कमी लाने की अपील की थी।*
सरकार खाने-पीने के स्थानों पर चेतावनी के सूचना बोर्ड लगवाने की मंशा बनी रही है। यहां क्या खाने से कितना कैलोरी बढ़ता है ये चेतावनियां लिखी हांेगी *जैसे सिगरेट के बाॅक्स में लिखा होता है, लिखा जाएगा ‘सावधान, समोसा खाना स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है’।*
हालांकि इससे इतना असर नहीं पड़ेगा जितना सिगरेट की चेतावनी पढ़ने से सिगरेट पीने वालो पर पड़ता है।
*क्योंकि समोसा हमारे जीवन का बचपन का, जवानी का और निस्संदेह कुछ कम पर बुढ़ापे का भी अभिन्न अंग है।*
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जवाहर नागदेव, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
मोबा. 9522170700








