
कोरबा 22 मई 2026/शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से प्रदेश में सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में कोरबा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत ढोंगदरहा के शाला भवन परिसर में समाधान शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में ढोंगदरहा, भैंसमा, सकदुकला, चीतापाली, करमंदी, बगबुडा, चाकामर, करूमौहा, कुरुडीह, गोढ़ी, बेंदरकोना एवं पंडरीपानी सहित कुल 12 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणजन बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम में जनपद सदस्य किशन कोशले, ग्राम पंचायत ढोंगदरहा की सरपंच श्रीमती अमिला बाई कंवर, विभिन्न पंचायतों के सरपंच, पंचगण, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि, विधायक प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। षिविर का शुभारंभ भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी की छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा श्री खगेश निर्मलकर ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी पहल “सुशासन तिहार 2026” की अवधारणा “संवाद से समाधान तक” पर प्रकाश डालते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी ग्रामीणों को दी। साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी विभागीय योजनाओं एवं हितग्राही मूलक कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान कर ग्रामीणों को जागरूक किया।
शिविर के दौरान “जनजातीय गरिमा उत्सव 2026” के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु वृक्षारोपण एवं जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
समाधान शिविर में प्राप्त आवेदनों का संबंधित विभागों द्वारा त्वरित निराकरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड, पेंशन स्वीकृति, ऋण पुस्तिका, बिहान समूह की महिलाओं को लखपति दीदी सम्मान पत्र, स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवदम्पति नई पहल किट, कृषि विभाग द्वारा पेट्रोल चलित पावर स्प्रेयर एवं किसान क्रेडिट कार्ड, तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को नव निर्मित आवास की चाबी एवं प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित मांग एवं शिकायतों के कुल 620 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 158 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर आमजन को त्वरित राहत प्रदान की गई। शेष आवेदनों का परीक्षण कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। सुशासन तिहार शिविर को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह एवं विश्वास देखने को मिला। शिविर में शासन और जनता के बीच सीधे संवाद एवं त्वरित समाधान की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई।









