
अम्बिकापुर 22 मई 2026/ अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 के अवसर पर सरगुजा वनमंडल द्वारा काष्ठागार अम्बिकापुर (टिम्बर डिपो) में वनमंडल स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण हेतु सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष निरुपा सिंह रहीं। विशेष अतिथि के रूप में सभापति श्री हरमिंदर सिंह उपस्थित रहे। पार्षद नगर निगम अम्बिकापुर शैलेष सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता वनमंडलाधिकारी सरगुजा अम्बिकापुर अभिषेक जोगावत द्वारा की गई। मुख्य अतिथि श्रीमती निरुपा सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जैव विविधता हमारी प्राकृतिक धरोहर है और इसके संरक्षण के बिना सतत विकास संभव नहीं है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
विशेष अतिथि श्री हरमिंदर सिंह ने कहा कि जंगल, वन्यजीव एवं जल स्रोत केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि मानव जीवन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की भी आधारशिला हैं। उन्होंने जनसहभागिता के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण को और मजबूत बनाने पर बल दिया। वनमंडलाधिकारी श्री अभिषेक जोगावत ने उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 की थीम “स्थानीय स्तर पर कार्य, वैश्विक प्रभाव” पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त वातावरण, स्थानीय प्रजातियों का संरक्षण तथा सामुदायिक वन संरक्षण जैसे छोटे-छोटे प्रयास भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत जैव विविधता संरक्षण विषय पर फोटो गैलरी प्रदर्शनी, जनजागरूकता संदेश, विद्यार्थियों द्वारा स्लोगन राइटिंग, निबंध लेखन एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। साथ ही प्रकृति संरक्षण आधारित गतिविधियों जैसे नेचर वॉक एवं वृक्षारोपण भी कराया गया। इस अवसर पर उपवनमण्डलाधिकारी अम्बिकापुर सुश्री श्वेता कम्बोज, उपवनमण्डलाधिकारी उदयपुर श्री विजेन्द्र सिंह ठाकुर, उपवनमण्डलाधिकारी सीतापुर श्रीमती सपना मुखर्जी, संलग्नाधिकारी सरगुजा वनमण्डल श्रीमती जैनी ग्रेस कुजूर, समस्त वन परिक्षेत्राधिकारी, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, संयुक्त वन प्रबंधन समिति एवं जैव विविधता प्रबंधन समिति के सदस्य, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाएँ तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।









