
यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद की पाकिस्तान यात्रा के दौरान, बातचीत इन्वेस्टमेंट और स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पर केंद्रित थी, लेकिन फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से दूरदराज के इलाकों में भारी कार्गो विमानों की असामान्य गतिविधि का पता चला. शिकार अभियानों, राजनयिक दांव-पेच, खाड़ी की राजनीति और पर्यावरणीय चिंताओं के बीच, यह यात्रा एक बहु-स्तरीय कहानी में बदल गई.
पाकिस्तान में पिछले हफ्ते एक अजीब सी हलचल दिखी. जब दुनिया इस बात पर नजर लगाए थी कि यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (MBZ) पाकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर आए हैं, उसी वक्त देश के कुछ दूर-दराज इलाकों के हवाई पट्टियों पर भारी कार्गो विमानों की आवाजाही तेज हो गई. ऊपर से सब कुछ कूटनीति, दोस्ती और निवेश की तस्वीर लग रही थी, लेकिन जैसे ही फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा सामने आया, कहानी ने दूसरा ही मोड़ ले लिया.
UAE President MBZ Pakistan Visit in Hindi: फ्लाइट ट्रैकिंग ने खड़े किए सवाल
सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध वेबसाइटों Flight Radar और ADS-B Exchange के आंकड़ों के मुताबिक, यूएई से पाकिस्तान के लिए कई भारी मालवाहक विमान उड़ान भरते दिखे. इनमें C-17, An-124 और IL-76 जैसे बड़े विमान शामिल थे. खास बात यह रही कि ये विमान इस्लामाबाद नहीं उतरे, बल्कि सिंध के अंदरूनी इलाकों और दक्षिणी पंजाब के चोलिस्तान इलाके के पास बने निजी हवाई पट्टियों पर पहुंचे. इसी से सवाल उठा कि आखिर इतना भारी सामान यहां क्यों लाया गया.
UAE President MBZ Pakistan Visit: MBZ का स्वागत पूरे ठाट-बाट के साथ किया गया
सरकारी स्तर पर MBZ का स्वागत पूरे ठाट-बाट के साथ किया गया. नूर खान एयरबेस पर उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसीम मुनीर खुद मौजूद थे. यह दौरा राष्ट्रपति बनने के बाद MBZ का पाकिस्तान का पहला आधिकारिक दौरा था. सरकार ने इसे पाकिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा मौका बताया.






