
जशपुरनगर, 25 जुलाई 2026/ जल सुरक्षा सुनिश्चित करने, भू-जल स्तर को सुदृढ़ बनाने तथा प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के उद्देश्य से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण योजनांतर्गत संचालित मोर गांव, मोर पानी महाअभियान के तहत बगीचा विकासखंड की ग्राम पंचायत घोघर में 3000 वाटर एब्जॉर्प्शन टैंक का निर्माण किया गया है। यह पहल वर्षा जल संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आई है और जल प्रबंधन की दिशा में घोघर ग्राम पंचायत को एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया, जिससे लोगों में वर्षा जल के महत्व, भू-जल संरक्षण तथा भविष्य में संभावित जल संकट के प्रति जागरूकता बढ़ी है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में संचालित यह अभियान वर्षा जल के अधिकतम संचयन, भू-जल पुनर्भरण और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक प्रभावी एवं दूरदर्शी पहल सिद्ध हो रहा है। वर्षा जल का होगा प्रभावी संचयन, बढ़ेगा भू-जल स्तर ग्राम पंचायत घोघर में निर्मित वाटर एब्जॉर्प्शन टैंक वर्षा ऋतु के दौरान बहकर व्यर्थ जाने वाले पानी को भूमि के भीतर समाहित करने का कार्य कर रहे हैं। इससे भू-जल स्तर के पुनर्भरण में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहेगी। परिणामस्वरूप किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा, फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी और कृषि अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बन सकेगी। यह पहल भविष्य में जल संकट और सूखे जैसी परिस्थितियों के प्रभाव को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन तथा जल संसाधनों के वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभर रहा है यह अभियान मोर गांव, मोर पानी महाअभियान केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है बल्कि यह जनभागीदारी आधारित व्यापक जनजागरूकता अभियान भी है। ग्राम पंचायत घोघर में स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से 3000 वाटर एब्जॉर्प्शन टैंकों का निर्माण सफलतापूर्वक किया गया, जिससे जल संरक्षण के प्रति लोगों में जिम्मेदारी और सहभागिता की भावना विकसित हुई है।
यह पहल आने वाले वर्षों में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने, भू-जल स्तर को सुदृढ़ बनाने, कृषि उत्पादन बढ़ाने तथा ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही यह अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी जल संरक्षण का एक प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय मॉडल बनकर उभर रही है।








