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धान नहीं चना की खेती से मुनाफा, फसल चक्र परिवर्तन से किसानों को फायदा

*सफलता की कहानी*

धमतरी 29 मई 2025/ धमतरी जिले में लगातार गिरते भूजल स्तर को ध्यान में रखकर इस गर्मी के सीजन में कई किसानों ने फसल चक्र परिवर्तन अपनाया। किसानों ने धान के बदले अन्य फसल जैसे दलहन तिहलन और चना के फसलें लगाईं। ये सभी फसलें कम पानी और लागत में अच्छा मुनाफा दे रहीं हैं। किसानों को चना खरीदी का भुगतान भी शुरू हो गया है. सीधा किसानों के खाते में पैसा ट्रांसफर हो रहा है। किसानों का कहना है कि गिरते भूजल को देखते हुए चने की खेती की है, ताकि जमीन की उर्वरक शक्ति बनी रहे और पानी की खपत कम हो। भुनेश्वर साहू, किसान, अमलडीह ने बताया कि चना उत्पादन अच्छा हुआ, पैसा भी सोसायटी के माध्यम से आ गया है। धान की फसल में पानी का दोहन बहुत ज्यादा होता है।
दलहन-तिलहन की खेती के लिए हमें प्रोत्साहित किया गया. किसानों को फायदा हुआ है
किसान घुरसिंह साहू ने बताया कि पैसे खाते में आ गए हैं, मेरे को 56 हजार से ज्यादा रुपए मिले हैं. शासन की तरफ से पहली बार चना खरीदी हो रही है। वहीं कोर्रा बैंक के ब्रांच मैनेजर ने बताया कि किसानों के खाते में चना खरीदी की राशि 9 मई से आना शुरू हो गई है. जो किसान पहले बेचे हैं, उनका भुगतान सीधे किसानों के खाते में चला गया है। जिला सहकारी बैंक के आंकड़ों के मुताबिक 22 मई तक धमतरी जिले की 8 समितियों में 2144 किसानों ने 19 हजार 850 क्विंटल चना बेचा है. जिसकी कुल राशि 1121.53 लाख रुपये है। सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी बलरामपुरी गोस्वामी ने बताया कि किसानों से चना खरीदी का भुगतान हो रहा है। चना खरीदी की अंतिम तारीख 31 मई है. जो बचे हुए किसान हैं, वह अपनी उपज समितियों में बेच सकते हैं। किसानों से चना खरीदने के लिए धमतरी जिले में 8 समितियां बनी हैं।
दरअसल धमतरी जिला प्रशासन ने धमतरी जिले के गांव गांव में जल संरक्षण के लिए जल जगार महोत्सव आयोजित किया। वहीं ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन, तिलहन और चना,नगदी फसल अपनाने के लिए फसल चक्र परिवर्तन शिविर भी आयोजित किए। जल संरक्षण, भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए फसल चक्र परिवर्तन अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित करने की पहल अब रंग ला रही है। धमतरी जिले के अधिकतर किसानों ने इस बार गर्मी के सीजन में धान की खेती करने के बदले चना की खेती की है। किसानों के इस कार्य को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार भी पहली बार समर्थन मूल्य पर चना खरीद रही है। एक मार्च से 31 मई तक प्रति क्विंटल 5650 रुपये में चना खरीदी हो रही है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिले में फसल चक्र परिवर्तन से पानी बचाने और भू जल स्तर को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों-ग्रामीणों का सहयोग इसमें मिल रहा है । किसानों को धान की फसल में ज़्यादा पानी लगने से होने वाले नुकसान को बताया जा रहा है और धान से ज़्यादा लाभ देने वाली चना,सरसों, मूंग जैसी दलहन तिलहन की फसलें लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को इन फ़सलों के लिए सरकारी सहायता और ख़रीदी की भी व्यवस्था की जा रही है।

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