
मेरा सोलह महीने का पोता एक दिन पलंग पर धीरे-धीरे चलते हुए मेरे पास आया। मैने प्यार से उसे उठाकर गोद में बिठा लिया। उसने लाड़ दिखाते हुए
अचानक मेरे बिना बाल के सर पर (टकला शब्द थोड़ा अमर्यादित है न) अपने नाखून गाड़ दिये।मैं तिलमिला उठा, उसका हाथ पकड़ लिया, तत्काल उसी क्षण उसने दूसरे हाथ से टकले पर आक्रमण कर दिया। यंत्रवत मैने उसका दूसरा हाथ भी पकड़ लिया। इस चक्कर में वो मेरे थोड़ा पास आ गया, उसने आव देखा न ताव मेरी नाक चबा ली। मैं चीखा और उसे झटककर दूर कर दिया। मुझे उसके कुत्सित इरादों का ज़रा भी भान नहीं था।
उसकी भारतीय हवाई सेना वाली फुर्ती से परिचित भी नहीं था, उसने पल भर में फिल्मी खूंखार तरीके से अपना सर जोर से मेरे सर से टकरा दिया। मेरा उसने बड़ा बुरा हाल किया।
आश्चर्य इस बात का है कि उसे अपने सर में कोई दर्द महसूस नहीं हुआ। वो चीख-चीख कर खुश होता रहा, जबकि मैं सिर पकड़ कर बैठ गया।*
उसने दो सेकण्ड के अंदर चार वार कर दिये मुझ पर।
जैसे कि वो हिंदुस्तान हो और मैं पाकिस्तान और आॅपरेशन सिंदुर चल रहा हो।
कितना सुख है तीसरी पीढ़ी का
संतान और ‘संतान की संतान’ यानि सोने पे सुहागा। विदेशों में कल्चर है कि बच्चा बड़ा होते ही अपने पैरों पर खड़ा होते ही घर छोड़ देता है। सेल्फ डिपेण्ड हो जाता है। आत्मनिर्भरता अच्छी बात है।

फिर वो माता-पिता और छोटे भाई-बहनों से कभी कभार ही मिल पाता। उसे परवाह भी नहीं होती। इन दिनों भारत में भी यही प्रचलन तेजी से हो रहा है। माता-पिता बच्चों को विदेश भेज देते हैं और खुद यहां अकेले रहते हैं। फिर उन पर क्या बीतती है और वे किस सुख से वंचित रहते हैं, कहने की जरूरत नहीं..
बड़े मजे में रहते हैं वो लोग जिनके नाती-पोते उनके साथ रहते हैं। बच्चों की चंचल, मासूम हरकतें, उछलकूद निस्संदेह जीवनदायी होते हैं।
तब कुछ नहीं थीं
मगर सब कुछ थीं
अब सीधा जेल का रास्ता
वक्त-वक्त की बात है। कभी अर्श पर कभी फर्श पर। देश ने बीसियों बार तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंग को सोनिया गांधी के सामने हाथ बांध कर खड़े होते देखा है। जब भी कोई विदेशी मेहमान आता था। सोनिया गांधी को सबसे पहले उसके साथ मेजबान के रूप में गर्व से खड़े होता देखा है।

यूपीए वन और टू के समय सोनिया गांधी किस पद पर थीं ? किसी भी नहीं। तो वे किस हैसियम से विदेशाी अतिथियों से पहली मीटिंग में मिलती थीं*
वक्त बदलता है…. आज उनका चिराग राहुल गांधी विदेशी मेहमान ब्लादिमीर पुतिन
से मिलने को छटपटाता दिखा।*
सबको पता है कि अति का अंत होता ही है। जो हालात दिख रहे हैं तो विद्वानों के अनुसार ऐसा लगता है कि गांधी परिवार के सोनिया गांधी सहित कई महत्वपूर्ण सदस्य जेल जा सकते हैं।
नेशनल हेराल्ड मामले में घालमेल की तलवार उन पर लटक रही है।
बेहद आसान हिंदु अपमान
तेलंगाना के भाजपा नेता चिक्कोटी प्रभु ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा हिंदु देवी-देवताओं पर अपमान जनक बयान देने के लिये धिक्कारा है। प्रभु ने मुख्यमंत्री के बयान को करोड़ों हिंदुओं का अपमान बताया है। देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने की फैशन बन चुका है’।
दरअसल रेवंत रेड्डी ने एक कार्यक्रम में उन्होंनें पूछा- ‘हिंदु कितने भगवान को मानते हैं ? तीन करोड़ ? जिसने दो शादियां कीं उसके अलग भगवान, जो शराब पीते हैं उसके अलग भगवान, जो दाल-चावल खाता हे उसके अलग भगवान’।
देश का आम हिन्दु दुखी है क्योंकि यहां तो मां दुर्गा की अश्लील तस्वीर बनाने वाले पेन्टर मकबूल फिदा हुसैन तक को खरोच तक नहीं लगी, लगभग 30 साल हो गये। अब इनसे क्या उम्मीद कर सकते हैं ?

भारत माता को डायन कहने वाले आजम खान को उस समय तो कुछ नहीं हुआ था। आज सजा हो रही है वो भी दूसरे मामलों में। ————————–
जवाहर नागदेव, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
मोबा. 9522170700







