
*स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में स्वशासी समिति की बैठक संपन्न*
*बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति, स्वास्थ्य अधोसंरचना सुदृढ़ करने पर जोर*
रायपुर, 3 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY) स्व. श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, रायगढ़ में आज छत्तीसगढ़ आरोग्य चिकित्सा शिक्षण एवं अनुसंधान समिति (स्वशासी समिति) की साधारण सभा आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत पूर्व बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा से हुई, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में सुविधाओं के विस्तार, गुणवत्ता सुधार और अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
मरीजों को उन्नत एवं त्वरित जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रंगीन डॉप्लर, मेमोग्राफी (स्तन जांच मशीन), आर्थ्रोस्कोपी (जोड़ दूरबीन जांच), इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री (प्रतिरक्षा ऊतक रसायन जांच), हार्मोन जांच तथा एमआरआई मशीन की खरीदी को स्वीकृति दी गई। इन सुविधाओं के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर उच्च स्तरीय जांच सेवाएं उपलब्ध होंगी और उपचार की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
बैठक में अस्पताल परिसर में जनऔषधि केंद्र के साथ अमृत औषधि केंद्र प्रारंभ करने तथा मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए 24 घंटे कैंटीन संचालन की स्वीकृति दी गई। साथ ही शहर से मेडिकल कॉलेज तक आवागमन सुगम बनाने के लिए सिटी बस सेवा शुरू करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए चिकित्सा उपकरणों के वार्षिक रखरखाव अनुबंध (AMC) और समग्र रखरखाव अनुबंध (CMC) को भी स्वीकृति प्रदान की गई। आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने हेतु वार्ड बॉय, स्टाफ नर्स सहित विभिन्न पदों पर भर्ती के संबंध में निर्णय लिए गए।
आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर और अग्निशमन उपकरणों की संख्या बढ़ाने की स्वीकृति दी गई। बाल एवं शिशु रोग विभाग के गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने और उसे निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए, ताकि गंभीर रूप से बीमार बच्चों को बेहतर उपचार मिल सके।
मेडिकल छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अत्याधुनिक अध्ययन कक्ष एवं खेल मैदान विकसित करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे उनके समग्र विकास को बढ़ावा मिल सके।
बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने चिकित्सा महाविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता स्वर्गीय डॉ. विनित जैन के उल्लेखनीय योगदान को स्मरण करते हुए अस्थिरोग विभाग का नामकरण उनके नाम पर करने तथा उनकी प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
बैठक में लिए गए निर्णयों से चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता और पहुंच में व्यापक सुधार होने की उम्मीद जताई गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कर आमजन को शीघ्र लाभान्वित किया जाए।








