
*पद यात्रा, ग्राम संपर्क और शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों से सीधा संवाद*
रायपुर , 20 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY) जनजातीय अंचलों तक शासन की योजनाओं और सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सूरजपुर जिले में जनजातीय गरिमा उत्सव एवं जनभागीदारी अभियान “सबसे दूर, सबसे पहले” के तहत व्यापक स्तर पर गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान के अंतर्गत विभिन्न विकासखण्डों में क्लस्टर स्तरीय शिविर, ग्राम संपर्क कार्यक्रम, पद यात्राएं एवं जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है।
पीएम-जनमन एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत चयनित ग्रामों तथा आदि सेवा केंद्रों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान अधिकारियों, आदि कर्मयोगियों और गैर शासकीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने गांवों में पैदल भ्रमण कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। ग्राम भ्रमण के दौरान गांवों की वास्तविक स्थिति का अवलोकन करते हुए लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही जनसुनवाई और शिकायत निवारण संबंधी जानकारी भी ग्रामीणों तक पहुंचाई गई।
अभियान के तहत विकासखण्ड वाड्रफनगर के लोधी क्लस्टर शिविर में जवराही, चंवरसरईडी, हरिगवां, गिरवानी, पण्डरी, कोटी, लोधी, महेवा, रामनगर, सरूवत, गुरमटी, मदनपुर, बाजरा, पेण्डारी एवं कोटराही ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। वहीं विकासखण्ड बलरामपुर के चितमा क्लस्टर शिविर में रनहत, कर्रीचलगली, चमनपर, भैरोपुर, लुर्गीकला, बादा, लुर्गीखुर्द, मकरो, चंदौरा, धनवार, चम्पापुर, चितमा एवं अमरपुर ग्रामों के ग्रामीणों ने सहभागिता की।
आयोजित शिविरों में ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच, आयुष्मान कार्ड निर्माण, आधार कार्ड संबंधी सेवाएं, श्रम पंजीयन, जन-धन खाता प्रारंभ करने, महतारी वंदन योजना के अंतर्गत केवाईसी, शिकायत पंजीयन एवं त्वरित निराकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही आवश्यक सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
ग्राम स्तर पर संचालित आदि सेवा केंद्रों में पौधारोपण, ट्रांसेक्ट वॉक, जनभागीदारी सभाएं, रथयात्रा एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को उनके अधिकारों और योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों तथा ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही।
उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं की पहुंच बढ़ाने तथा अंतिम छोर के ग्रामीणों तक मूलभूत सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगातार विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से दूरस्थ अंचलों में शासन और ग्रामीणों के बीच संवाद एवं समन्वय मजबूत हो रहा है।









