
अम्बिकापुर 30 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी नीतियों और विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम की सक्रियता से जिले के विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल रही है। फोरम की हालिया सुनवाई में न केवल वर्षों पुराने भारी-भरकम बिजली बिलों का निपटारा किया गया, बल्कि लंबित अमानत राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) का भुगतान भी सुनिश्चित कराया गया।
योजना के तहत 50 प्रतिशत से अधिक की छूट
सूरजपुर जिले के रामानुजनगर उपसंभाग के अंतर्गत ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ ग्रामीण परिवारों के समाधान लेकर आई है। सहायक यंत्री श्री आशीष लकड़ा ने बताया कि उपभोक्ता श्री जगरनाथ राम का 90,144 रुपये का विद्युत देयक लंबे समय से लंबित था। योजना के तहत प्रकरण की समीक्षा कर उन्हें 55,530 रुपये की भारी छूट प्रदान की गई। छूट के पश्चात उपभोक्ता ने निर्धारित किश्तों में शेष 35,260 रुपये का भुगतान कर अपने बिल को पूरी तरह ‘निरंक’ (शून्य) करा लिया है। उपभोक्ता की पुत्रवधू श्रीमती रामबाई ने विभागीय कार्यवाही पर संतोष व्यक्त करते हुए नाम परिवर्तन की प्रक्रिया के लिए भी आवेदन किया है।
अमानत राशि का भुगतान और विभाग को हिदायत
एक अन्य प्रकरण में, अम्बिकापुर संभाग के जोन-तीन (जेल कॉलोनी) निवासी श्री रमेश गिरी की एक वर्ष से लंबित अमानत राशि का निराकरण किया गया। फोरम के हस्तक्षेप के बाद विभाग ने 2,570 रुपये की अमानत राशि सीधे उपभोक्ता के भारतीय स्टेट बैंक के खाते में हस्तांतरित कर दी है। हालांकि, इस छोटे से प्रकरण में हुए एक वर्ष के विलंब पर फोरम ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सहायक यंत्री श्री अभिनेष बंजारे की उपस्थिति में फोरम ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि भविष्य में उपभोक्ताओं से जुड़े कार्यों में समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए ताकि आम नागरिकों को मानसिक व आर्थिक परेशानी न हो।
उपभोक्ताओं से लाभ लेने की अपील
विभागीय उच्च अधिकारियों ने अन्य बकायादार उपभोक्ताओं से भी ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ का लाभ लेने की अपील की है। उन्होंने बताया कि विभाग का लक्ष्य है कि शासन की इस योजना के माध्यम से अधिक से अधिक ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवार अपने पुराने बकाया बोझ से मुक्त हो सकें।








