
जिला स्तरीय कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल हुए शामिल
अम्बिकापुर । राष्ट्रगौरव और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत आज जिला पंचायत सभाकक्ष में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री विलास भोसकर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक, श्री अमृत लाल ध्रुव सहित जिले के अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपस्थित जनों ने दूरदर्शन पर प्रसारित राष्ट्रव्यापी लाइव कार्यक्रम का अवलोकन किया, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर वर्षभर चलने वाले विशेष समारोह की औपचारिक शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि, वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत माता के प्रति श्रद्धा, समर्पण और एकता का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान संगीत महाविद्यालय अम्बिकापुर के छात्रों ने स्वरबद्ध तरीके से राष्ट्रीय गीत‘वंदे मातरम्’ प्रस्तुत किया, जिसे मुख्य अतिथि सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने खड़े होकर दोहराया। पूरा सभाकक्ष देशभक्ति की भावना से गूंज उठा।
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा रहा है। यह गीत आज भी देशवासियों में मातृभूमि के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना को प्रज्वलित करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस गीत को अपने जीवन में आत्मसात करें और नई पीढ़ी तक इसकी भावना पहुंचाएं।
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर जिले में चरणबद्ध कार्यक्रम का आयोजन वर्षभर किया जाएगा, जिसमें प्रथम चरणः 07 से 14 नवंबर 2025, द्वितीय चरणः 19 से 26 जनवरी 2026, तृतीय चरणः 07 से 15 अगस्त 2026 (हर घर तिरंगा अभियान के साथ) और चतुर्थ चरणः 01 से 07 नवंबर 2026 (समापन सप्ताह)
इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा vandemataram150.in नामक विशेष पोर्टल भी प्रारंभ किया गया है, जिसमें नागरिक ‘वंदे मातरम’ की धुन के साथ अपने स्वर में यह गीत गाकर अपलोड कर सकते हैं। पोर्टल पर गीत के बोल, संगीत और सार्टिफिकेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस राष्ट्रीय उत्सव में अपनी सहभागिता दर्ज करा सकें।
तो आइए, राष्ट्रीय गीत का उत्सव मनाएं जिसने करोड़ों देशवासियों के हृदय में मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना जगाई।








