Ro no D15139/23

मिट्टी के दीयों और पेपर कप फोन से जगमगाई सीख की दुनिया बस्तर की आंगनबाड़ियों में खेल-खेल में विज्ञान, कला और आत्मविश्वास की नई उड़ान

रायपुर, 25 मई 2026/छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की आंगनबाड़ी केन्द्रों में इन दिनों नन्हे हाथ सिर्फ खेल नहीं रहे, बल्कि अपने सपनों, कल्पनाओं और सीखने की नई दुनिया को आकार दे रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वंयसेवी संस्था ‘तितली’ के सहयोग से चल रही रचनात्मक गतिविधियों ने बच्चों के लिए आंगनबाड़ी को आनंद, जिज्ञासा और नवाचार का केंद्र बना दिया है।

माटी की सोंधी खुशबू के बीच जब छोटे-छोटे बच्चों ने अपने हाथों से दीये बनाए, तो वह सिर्फ एक कलाकृति नहीं थी, बल्कि आत्मविश्वास और रचनात्मकता की पहली चमक थी। गीली मिट्टी को आकार देते हुए बच्चों ने स्पर्श, संतुलन और कल्पनाशीलता को महसूस किया। पारंपरिक दीये बनाते हुए वे अपनी सांस्कृतिक विरासत से भी सहज रूप से जुड़ते चले गए।

वहीं दूसरी ओर साधारण पेपर कप और धागे से तैयार किया गया ‘पेपर कप फोन’ बच्चों के लिए किसी जादू से कम नहीं था। जब एक छोर से बोली गई आवाज दूसरे छोर तक पहुंची, तो बच्चों की आंखों में आश्चर्य और खुशी एक साथ झलक उठी। इस छोटे से प्रयोग ने नन्हे मनों को विज्ञान के उस अद्भुत संसार से परिचित कराया, जहां सीखना किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि अनुभवों से जुड़ा होता है।

इन गतिविधियों ने बच्चों को केवल मनोरंजन नहीं दिया, बल्कि संवाद, ध्यान से सुनना, मिलकर काम करना और नई चीजें बनाने का आत्मविश्वास भी सिखाया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि बच्चों में अब सवाल पूछने और खुद से प्रयोग करने की उत्सुकता बढ़ रही है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रारंभिक अवस्था में इस तरह की खेल-आधारित शिक्षा बच्चों के मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास में बेहद प्रभावी होती है। बस्तर की आंगनबाड़ियों में हो रहे ये प्रयास इस बात का प्रेरक उदाहरण हैं कि यदि बच्चों को सीखने का सहज और आनंददायक वातावरण मिले, तो वे बहुत कम उम्र में ही रचनात्मक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित कर सकते हैं।

बस्तर की ये तस्वीर आज पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन रही है, जहां आंगनबाड़ी केन्द्र केवल पोषण तक सीमित नहीं रहे, बल्कि नौनिहालों के सपनों, जिज्ञासाओं और उज्ज्वल भविष्य को गढ़ने वाले सशक्त सीख केंद्र बनते जा रहे हैं।

  • Related Posts

    ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026ः एक दिवसीय कार्यशाला सह स्वच्छता संवाद कार्यक्रम संपन्न स्वच्छता केवल अभियान नहीं बल्कि सतत प्रक्रिया है, कचरा प्रबंधन को आजीविका से जोड़ना आवश्यक- जिला पंचायत सीईओ

      अम्बिकापुर 25 मई 2026/  जिला पंचायत सभाकक्ष में आज ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला सह स्वच्छता संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत…

    Read more

    सुशासन तिहारः ’बिहान’ योजना से महिला सशक्तिकरण को मिला बल, तिरंगा आजिविका संगठन को मिला 60 हजार रुपये का चेक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं ग्रामीण महिलाएं

    अम्बिकापुर 25 मई 2026/  राज्य शासन द्वारा मनाए जा रहे ’सुशासन तिहार’ के अवसर पर ग्रामीण अंचल की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में…

    Read more

    NATIONAL

    तृणमूल में संगठनात्मक फेरबदल, पूर्व मंत्री मदन मित्रा को मिली बड़ी जिम्मेदारी

    तृणमूल में संगठनात्मक फेरबदल, पूर्व मंत्री मदन मित्रा को मिली बड़ी जिम्मेदारी

    संकट को अवसर में बदल सकता है भारत, पढ़ें अभिजीत मुखोपाध्याय का आलेख

    संकट को अवसर में बदल सकता है भारत, पढ़ें अभिजीत मुखोपाध्याय का आलेख

    पाकिस्तानी आतंकी ग्रुप भारत को निशाना बनाते हैं, देखें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने क्या कहा

    पाकिस्तानी आतंकी ग्रुप भारत को निशाना बनाते हैं, देखें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने क्या कहा

    ट्रंप की स्थित खराब, इसलिए मोदी-इंडिया को खुश करने रूबियो को भेजा’, पाकिस्तानी एक्सपर्ट बोले- भारत ने सिखाया सबक

    ट्रंप की स्थित खराब, इसलिए मोदी-इंडिया को खुश करने रूबियो को भेजा’, पाकिस्तानी एक्सपर्ट बोले- भारत ने सिखाया सबक

    लाल किला मैदान से गूंजा जनजातीय गौरव का स्वर

    लाल किला मैदान से गूंजा जनजातीय गौरव का स्वर

    ट्रंप की बेटी इवांका को मारने की साजिश, IRGC से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था

    ट्रंप की बेटी इवांका को मारने की साजिश, IRGC से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था