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ई-ऑफिस से सुशासन को नई रफ्तारः अब हर फाइल होगी डिजिटल

*ग्रीन ऑफिस की दिशा में बड़ा कदम, ईंधन की बचत और पारदर्शिता बढ़ाने पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप का जोर*

 

रायपुर, 23 मई 2026 (IMNB NEWS AGENCY) छत्तीसगढ़ सरकार प्रशासनिक कार्यप्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने कार्यालय के सभी दैनिक प्रशासनिक कार्यों, फाइलों के संचालन और पत्राचार को पूरी तरह ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया है।

 

*शत-प्रतिशत डिजिटल कार्यप्रणाली*

 

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि अब तक विभिन्न विभागों से अनुमोदन के लिए फाइलें ई-ऑफिस के माध्यम से मंत्री कार्यालय तक पहुंचती थीं। अब इस व्यवस्था का विस्तार करते हुए मंत्री कार्यालय से जारी होने वाली सभी फाइलें, आदेश और डाक प्रेषण भी पूरी तरह डिजिटल कर दिए गए हैं। इसके साथ ही, कार्यालय का संपूर्ण पत्राचार अब अनिवार्य रूप से ऑनलाइन प्रणाली द्वारा ही निष्पादित किया जाएगा।

 

*ग्रीन ऑफिस संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण*

 

वन मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल प्रशासनिक सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रीन ऑफिस संस्कृति को बढ़ावा देना भी है। फाइलों और दस्तावेजों के भौतिक परिवहन में कमी आने से

सरकारी वाहनों का उपयोग घटेगा, ईंधन की भारी बचत होगी, कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

 

*दक्षता, पारदर्शिता और समय की बचत*

 

श्री कश्यप ने कहा कि डिजिटल कार्यप्रणाली, ऑनलाइन बैठकों, ऊर्जा दक्षता और संसाधनों के इष्टतम उपयोग जैसे कदम शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पर्यावरण-हितैषी बनाएंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता को भी मजबूती मिलेगी।

 

*मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस का संकल्प*

 

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए “मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस” के मूल मंत्र के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार तकनीक-आधारित सुशासन को लगातार बढ़ावा दे रही है। शासन का मुख्य ध्येय उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग जनकल्याण, विकास कार्यों और दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाने में करना है।

 

*सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान*

 

वन मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक तंत्र को आधुनिक और ईको-फ्रेंडली बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय सेवक ई-ऑफिस प्रणाली और मितव्ययिता संबंधी निर्देशों को सकारात्मक सोच के साथ अपनाएं। संसाधनों की बचत और पर्यावरण संरक्षण केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

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